कक्षा – 5 // हिन्दी // पाठ - 4 // साङकेन
पाठ का सारांश
इस अध्याय में अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध साङकेन त्योहार का सुंदर वर्णन किया गया है। वल्लरी के पिताजी का स्थानांतरण दिल्ली से अरुणाचल प्रदेश के चौखाम में हो जाता है। वल्लरी वहाँ के शांत वातावरण, हरियाली और लोगों के प्रेमपूर्ण व्यवहार को देखकर बहुत प्रसन्न होती है।
एक दिन वल्लरी अपने मित्र चाऊतान के घर जाती है। वहाँ उसका गर्मजोशी से स्वागत किया जाता है और उसे स्वादिष्ट पकवान खिलाए जाते हैं। उसी समय गाँव में भगवान बुद्ध की मूर्तियों की शोभायात्रा निकाली जाती है। सभी लोग उत्साहपूर्वक नाचते-गाते हुए मूर्तियों को नए बने मंदिर तक ले जाते हैं।
मंदिर को बाँस की खपच्चियों, हरी टहनियों और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। बौद्ध भिक्षु मंत्रोच्चार करके मूर्तियों की पूजा करते हैं। इसके बाद लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं और चावल का आटा लगाते हैं। यह देखकर वल्लरी को अपने यहाँ मनाई जाने वाली होली की याद आती है। चाऊतान उसे बताता है कि साङकेन उनके नए वर्ष का त्योहार है।
वल्लरी बताती है कि उनके यहाँ भी होली के अवसर पर लोग रंग खेलते हैं, एक-दूसरे से मिलते हैं और अतिथियों का स्वागत करते हैं। चाऊतान भी अपने परिवार की त्योहार की परंपराओं के बारे में बताता है। तीन दिन तक साङकेन उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। अंतिम दिन मूर्तियों को फिर से बौद्ध विहार में ले जाया जाता है और भिक्षु सभी को सुख, समृद्धि, अच्छी खेती तथा निरोग जीवन का आशीर्वाद देते हैं।
मुख्य संदेश
यह अध्याय हमें सिखाता है कि भारत विविध संस्कृतियों और त्योहारों का देश है। अलग-अलग राज्यों के त्योहार भले ही अलग हों, लेकिन उनका उद्देश्य प्रेम, भाईचारा, मेल-मिलाप, प्रकृति के प्रति सम्मान और नए वर्ष का स्वागत करना है। हमें सभी संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए.
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शब्द |
अर्थ |
वाक्य |
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अधिकारी |
अफ़सर |
मेरे पिताजी एक अधिकारी हैं। |
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वातावरण |
आस-पास का माहौल |
विद्यालय का वातावरण स्वच्छ है। |
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हरियाली |
हरापन |
वर्षा ऋतु में चारों ओर हरियाली छा जाती है। |
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शोभायात्रा |
शोभायात्रा / जुलूस |
त्योहार पर शोभायात्रा निकाली गई। |
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पालकी |
डोली |
मूर्ति को पालकी में रखा गया। |
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मूर्ति |
प्रतिमा |
मंदिर में भगवान की मूर्ति है। |
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उत्साह |
जोश |
बच्चों ने उत्साह से खेल खेला। |
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विहार |
बौद्ध मठ |
भिक्षु विहार में रहते हैं। |
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सम्मिलित |
शामिल |
सभी छात्र कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। |
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आशीर्वाद |
आशीर्वाद |
दादा-दादी ने मुझे आशीर्वाद दिया। |
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खपच्चियाँ |
बाँस की पतली पट्टियाँ |
बाँस की खपच्चियों से सजावट की गई। |
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एकत्रित |
इकट्ठा |
सभी लोग मैदान में एकत्रित हुए। |
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भिक्षु |
भिक्षु / साधु |
भिक्षु ने सबको शांति का संदेश दिया। |
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स्वागत |
स्वागत |
अतिथियों का स्वागत किया गया। |
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स्वादिष्ट |
स्वादिष्ट |
माँ ने स्वादिष्ट भोजन बनाया। |
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भीड़भरी |
भीड़भरा |
दिल्ली की सड़कें भीड़भरी हैं। |
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कतार |
पंक्ति |
बच्चे कतार में खड़े हैं। |
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शांत |
शांत |
गाँव का वातावरण शांत है। |
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मुस्कान |
मुस्कान |
उसकी मुस्कान प्यारी है। |
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पकवान |
विशेष व्यंजन |
त्योहार पर कई पकवान बने। |
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प्रसन्न |
प्रसन्न |
सभी बच्चे प्रसन्न थे। |
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किनारा |
तट / किनारा |
नदी के किनारे पेड़ हैं। |
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प्रतिदिन |
प्रतिदिन |
मैं प्रतिदिन पढ़ाई करता हूँ। |
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पूजा |
पूजा |
सभी ने पूजा की। |
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त्योहार |
त्योहार |
होली रंगों का त्योहार है। |
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आरंभ |
आरंभ |
कार्यक्रम का आरंभ हुआ। |
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अतिथि |
अतिथि |
अतिथि हमारे घर आए। |
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नमकीन |
नमकीन |
मुझे नमकीन पसंद है। |
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प्रणाम |
प्रणाम |
मैंने गुरुजी को प्रणाम किया। |
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खेती |
कृषि |
किसान खेती करते हैं। |
1. त्योहारों
पर घरों में कई प्रकार की मिठाइयाँ और नमकीन बनाई जाती हैं। आपको कौन-सी मिठाइयाँ
और नमकीन अच्छी लगती हैं? वे
किस त्योहार पर बनाई जाती हैं।
उत्तर: मुझे मिठाइयों
में गुझिया, लड्डू, जलेबी, गुलाब जामुन और काजू कतली
बहुत पसंद हैं, जबकि नमकीन में समोसा, मठरी और नमकपारे अच्छे
लगते हैं। ये मिठाइयाँ और नमकीन दीवाली और होली जैसे त्योहारों पर बनाई जाती हैं।
(विद्यार्थी
अपनी पसंद व अनुभव के आधार पर स्वयं उत्तर लिख सकते हैं।)
2. आप कौन-से
त्योहार मनाते हैं? उनमें और
साङकेन में कौन-कौन सी समानताएँ हैं?
उत्तर: हम घर पर होली, दीपावली, रक्षाबंधन, क्रिसमस,ओणम, पोंगल, बीहूऔर ईद मनाते हैं। इन त्योहारों और साङकेन
में समानता यह है कि सभी में लोग खुशी से भाग लेते हैं, एक-दूसरे से
मिलते हैं और मिठाइयाँ व विशेष व्यंजन बनाते हैं।
(विद्यार्थी अपनी पसंद व अनुभव के आधार पर स्वयं उत्तर लिख सकते हैं।)
3. हमारे देश
में अनेक अवसरों पर शोभायात्राएँ (जुलूस) निकाली जाती हैं। आपने कौन-कौन सी
शोभायात्राएँ देखी हैं? उनके बारे
में अपने अनुभव बताइए।
उत्तर: मैंने गणेश उत्सव, दुर्गा पूजा और
राम नवमी की शोभायात्राएँ देखी हैं। इन जुलूसों में लोग बड़े उत्साह से भाग लेते
हैं। सड़कों को सजाया जाता है, ढोल-नगाड़े बजते हैं और लोग नाचते-गाते हुए आगे
बढ़ते हैं। भगवान की सुंदर झाँकियाँ निकाली जाती हैं, जिन्हें देखकर
बहुत आनंद आता है।
(विद्यार्थी अपनी पसंद व अनुभव के आधार पर स्वयं उत्तर लिख सकते हैं।)
4. आप नया
वर्ष कब और कैसे मनाते हैं?
उत्तर: हम 1 जनवरी को
नया वर्ष मनाते हैं। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, परिवार और
दोस्तों के साथ समय बिताते हैं, पार्टी करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ
देते हैं।
विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों एवं
राज्यों में नव वर्ष अलग-अलग दिन मनाया जाता है। उदाहरण के लिए-
- बैसाखी –
पंजाबी नववर्ष
- जुड़-शीतल –
मैथिल नववर्ष
- गुड़ी पड़वा
– मराठी नववर्ष
- नवरोज़ –
पारसी नववर्ष
- 1 जनवरी – अंग्रेज़ी नववर्ष
पाठ से
प्रश्नों के
उपयुक्त उत्तर के सामने तारे का चिह्न (⭐️)
बनाइए ––
1. साङकेन क्यों मनाया जाता है?
(क) दीपावली पर्व के कारण
(ख) नव वर्ष प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में
(ग) नए मंदिर के उद्घाटन की प्रसन्नता में
(घ) बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर
उत्तर:
(ख) नव वर्ष प्रारंभ होने के उपलक्ष्य में (⭐️)
2. भगवान बुद्ध का
मंदिर कहाँ बना हुआ था?
(क) चिकित्सालय के पास
(ख) सरोवर के किनारे
(ग) नदी के किनारे
(घ) समुद्र के किनारे
उत्तर:
(ग) नदी के किनारे (⭐️)
3. लोग बहुत देर
तक एक-दूसरे पर पानी डालते रहे क्योंकि-
(क) उन्हें गरमी लग रही थी ।
(ख) वे स्नान कर रहे थे।
(ग) वे गंदे हो गए थे।
(घ) वे साङकेन मना रहे थे।
उत्तर:
(घ) वे साङकेन मना रहे थे।(⭐️)
4. “यहाँ के लोगों
के मुखों पर सदैव मुस्कान बनी रहती है।” इस वाक्य का क्या अर्थ है?
(क) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहते हैं।
(ख) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहने का अभिनय करते
हैं।
(ग) यहाँ के लोगों को खेलना-कूदना अच्छा लगता है।
(घ) यहाँ के लोगों को नाचना गाना अच्छा लगता है।
उत्तर:
(क) यहाँ के लोग सदैव प्रसन्न रहते हैं। (⭐️)
पाठ से (Page
38)
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में
लिखिए-
(क) साङकेन का त्योहार मनाते समय वल्लरी को होली की याद क्यों
आई?
उत्तर: साङकेन का त्योहार मनाते
समय वल्लरी को होली की याद इसलिए आई क्योंकि होली के त्योहार की तरह ही इस त्योहार
में भी लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं।
(ख) वल्लरी को चौखाम और दिल्ली में क्या अंतर लगा ?
उत्तर: वल्लरी को चौखाम और दिल्ली
में यह अंतर लगा कि चौखाम प्राकृतिक सुंदरता से भरा हुआ, शांत और हरा-भरा स्थान है, जबकि दिल्ली एक बड़ा और व्यस्त शहर है, जहाँ भीड़-भाड़
और शोर-गुल अधिक है।
(ग) मंदिर की सजावट कैसे की गई थी ?
उत्तर: मंदिर की सजावट बाँस और
बाँस की खपच्चियों से बनी जालीदार दीवारों से की गई थी। बीच-बीच में पेड़ों की
हरी-भरी टहनियाँ लगाई गई थीं और उन पर रंग-बिरंगे फूल खोंस-खोंसकर सजाए गए थे।
(घ) आपको कौन-कौन आशीर्वाद देते हैं? वे क्या आशीर्वाद देते हैं?
उत्तर: मुझे मेरे माता-पिता तथा
बड़े-बुजुर्ग आशीर्वाद देते हैं। वे मुझे लंबी आयु, सदा खुश रहने तथा अच्छी नौकरी मिलने का आशीर्वाद देते हैं। हम सदैव अच्छे इनसान बनें व नेक रास्ते पर चलकर लोगों की
सहायता करें |
उत्तर:
भाषा की बात
1. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों के समानार्थी
शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्यों को पुनः लिखिए।
(क) एक दिन वल्लरी को उसके मित्र चाऊतान ने अपने घर बुलाया।
(ख) हमारे गाँव के लोगों ने नदी के किनारे एक मंदिर बनाया है।
(ग) बीच-बीच में पेड़ों की हरी-भरी टहनियाँ सजाई गई थीं।
(घ) आज हमारे यहाँ साङकेन का त्योहार है।
उत्तर:
(क) एक दिन वल्लरी को उसके दोस्त चाऊतान ने अपने आवास बुलाया।
(ख) हमारे ग्राम के लोगों ने सरिता के तट एक मंदिर बनाया है।
(ग) बीच-बीच में वृक्षों की हरी-भरी शाखाएँ सजाई गई थीं।
(घ) आज हमारे यहाँ साङकेन का पर्व है।
2. दिए गए उदाहरण को समझकर वाक्यों को पूरा कीजिए-
(क) जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल!
(ख) मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो …………. पानी !
(ग) मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ………..!
(घ) मुंबई में जिधर देखो ……… !
(ङ) …….. की दुकान में जहाँ देखो ……….. !
उत्तर:
(क) जहाँ देखो हरियाली ही हरियाली और फूल ही फूल!
(ख) मैं समुद्र के किनारे गई, जहाँ देखो पानी ही पानी !
(ग) मेरा गाँव केरल में है; जहाँ देखो नारियल के पेड़ ही पेड़!
(घ) मुंबई में जिधर देखो भीड़ ही भीड़ !
(ङ) हलवाई की दुकान में जहाँ देखो मिठाइयाँ ही
मिठाइयाँ !
3. रेखांकित शब्दों के वचन बदलकर वाक्य पूरा कीजिए-
(क) शोभायात्रा में बड़ी मूर्ति की पालकी सबसे पीछे थी
और छोटी मूर्तियों की पालकियाँ आगे थीं।
(ख) बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक …………… मुझे दे दीजिए।
(ग) गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में
अनेक पवित्र ………. हैं।
(घ) मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की …………. सबसे अच्छी लगती है।
(ङ) सारी बालटियाँ पानी से भर गई
हैं, केवल एक ……… बची है।
उत्तर:
(क) शोभायात्रा में बड़ी मूर्ति की पालकी सबसे पीछे थी और छोटी मूर्तियों की पालकियाँ आगे थीं।
(ख) बाँस की खपच्चियाँ उधर रखी हैं, एक खपच्ची मुझे दे दीजिए।
(ग) गंगा एक पवित्र नदी है। भारत में अनेक पवित्र नदियाँ हैं।
(घ) मेरे जन्मदिन पर कई प्रकार की मिठाइयाँ थीं लेकिन मुझे रसगुल्ले की मिठाई सबसे अच्छी लगती है।
(ङ) सारी बालटियाँ पानी से भर गई
हैं, केवल एक बालटी बची है।
4. जब किसी की बात ज्यों की त्यों लिखी जाती है तब एक चिह्न
लगाया जाता है। इसे उद्धरण चिह्न कहते हैं।
उदाहरण के लिए-
चाऊतान बोला, “ आज से हमारा नया वर्ष आरंभ होता है । ”
पाठ में आए
ऐसे चार वाक्य खोजकर लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
(i) “वे लोग कहाँ जा रहे हैं? वे बहुत प्रसन्न दिख रहे हैं।”
(ii) “क्या हम लोग भी शोभायात्रा में सम्मिलित हो सकते
हैं?” वल्लरी के पिताजी ने पूछा।
(iii) “हाँ-हाँ, अवश्य। चलिए, हम सब
शोभायात्रा में चलते हैं।”
(iv) उसने चाऊतान से कहा, “चाऊतान भाई, लगता है कि लोग
होली का त्योहार मना रहे हैं।”
(V) वल्लरी ने चाऊतान
से पूछा, “ ये लोग कहाँ जा
रहे हैं? बहुत प्रसन्न दिख
रहे हैं।
(VI) “तीन दिन तक इसी
तरह साङकेन मनाया जाता है । ” चाऊतान ने बताया।
5. पाठ में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इन्हें हिंदी
वर्णमाला के क्रम में लिखिए, जैसे-कलम, खरगोश, गगन…
करेला, समय, मठ, तट, नमकीन, जल, वन, मटका
उत्तर:
करेला, जल, तट, नमकीन, मटका, मठ, वन, समय
कविता से आगे
1. आपके घर में त्योहारों के लिए कौन-कौन सी तैयारियाँ की जाती
हैं?
उत्तर: हमारे घर में त्योहारों के लिए पहले घर की साफ-सफाई और
सजावट की जाती है। नए कपड़े खरीदे जाते हैं और विशेष व्यंजन व मिठाइयाँ बनाई जाती
हैं। पूजा की तैयारी की जाती है और परिवार के सभी लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं।
(विद्यार्थी इस
विषय पर अपने अनुभव के आधार पर लिख सकते हैं)
2. आपके घर पर त्योहारों के समय कौन-कौन, क्या-क्या काम करता है? सूची बनाइए ।
उत्तर:
माता जी – घर की सफाई, खाना और मिठाइयाँ बनाना।
पिता जी – बाजार से सामान
लाना और सजावट में मदद करना।
बच्चे – घर सजाना, रंगोली बनाना और छोटे-मोटे काम करना।
दादा-दादी/बड़े-बुजुर्ग – पूजा की तैयारी करना।
(विद्यार्थी इस
विषय पर अपने अनुभव के आधार पर लिख सकते हैं)
झारखंड - जोहार
लद्दाख - जुले
सोचिए और लिखिए (Page 41)
1. इस पाठ में आपको सबसे अच्छा क्या लगा और क्यों ?
उत्तर: मुझे इस पाठ में चौखाम गाँव में नया मंदिर बनने पर निकाली
जाने वाली शोभायात्रा सबसे अच्छी लगी। लोग नाच-गाकर पालकियों में भगवान बुद्ध और
उनके शिष्यों की मूर्तियाँ लाते हैं और श्रद्धा से पूजा करते हैं। यह गाँव के
लोगों की आस्था और रीति-रिवाजों को दर्शाता है।
(विद्यार्थी अपनी पसंद के अनुसार अन्य उत्तर दे सकते हैं ।)
उत्तर: दूध → दही → लस्सी
गन्ना → रस → गुड़
चना → बेसन → पकौड़े
चावल → आटा → इडली/डोसा
उत्तर:
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्कार
मैं तुम्हें साङकेन त्योहार
के बारे में अपने पूरे दिन का आँखों देखा वर्णन बताना चाहता हूँ। सुबह-सुबह गाँव
में मेहमानों का स्वागत किया गया। घर-घर में स्वादिष्ट पकवान बनाए गए और चारों ओर
फूलों से सजावट की गई।
इसके बाद भगवान बुद्ध की
मूर्तियों को पालकियों में रखकर एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। लोग नाच-गाकर, खुशी से झूमते हुए मंदिर तक पहुँचे। मंदिर बाँस की
खपच्चियों से बहुत सुंदर सजाया गया था। वहाँ बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा करवाई और सभी
को आशीर्वाद दिया।
इस त्योहार की खास बात यह
है कि लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं, जिससे मुझे
होली की याद आई। सभी लोग मिल-जुलकर खुशी मनाते हैं और एक-दूसरे के घर जाकर
शुभकामनाएँ देते हैं।
शिक्षा
मुझे यह त्योहार बहुत अच्छा
लगा, क्योंकि इसमें प्रेम, आनंद और एकता की भावना दिखाई देती है।
तुम्हारा मित्र
पुस्तकालय से (Page
43)
उत्तर:
राजधानी – ईटानगर
पड़ोसी राज्य – असम, नागालैंड
भाषा – हिंदी, अंग्रेज़ी, असमिया
मुख्य फसल – चावल, मक्का
त्योहार – लोसार, सोलुंग, मोपिन, साङकेन
नृत्य – बारदो छाम, पोनुंग
परिधान – गैले, पेहकन, लुबलिंग, उगोन
बूझो पहेली (Page
43)
ज्योति को उसके जन्मदिन पर
मिठाई बनाने के लिए उसकी माताजी ने दूधवाले भैया के पास 5 लीटर दूध लेने भेजा । दूधवाले भैया के पास दूध को मापने के
दो ही बरतन थे – एक 4 लीटर का और
दूसरा 3 लीटर का। दूधवाला कभी इस बरतन में, कभी उस बरतन में और कभी पतीले में दूध डाल रहा था। ज्योति
ध्यानपूर्वक यह सब देख रही थी। उसे उत्सुकता भी थी कि आखिर वह 5 लीटर दूध कैसे दे सकेगा?
दूधवाले भैया ने उसे 5 लीटर दूध दे
दिया, जिसे लेकर वह घर आ गई। शाम को जन्मदिन के उत्सव
पर उसने मित्रों को यह रोचक बात बताई और उनसे पूछा कि बताओ दूधवाले ने उसे 5 लीटर दूध कैसे दिया होगा ।
अब आप बताइए कि ज्योति ने अपने मित्रों को उत्तर में क्या
बताया होगा ?
उत्तर:
(i)
पहले 3 लीटर वाले
बर्तन को भरकर 4 लीटर वाले बर्तन में डाला।
(ii) फिर दोबारा 3 लीटर वाला
बर्तन भरकर 4 लीटर वाले में डाला। अब 4 लीटर का बर्तन भर गया और 3 लीटर वाले में 2 लीटर दूध बच
गया।
(iii) 4 लीटर वाला बर्तन खाली करके
उसमें 2 लीटर दूध डाला। फिर 3 लीटर वाला बर्तन भरकर उसमें मिलाया और 5 लीटर दूध दे दिया।