कक्षा – 5 // हिन्दी // पाठ - 8 // काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा
पाठ का सारांश
यह पाठ अरूप कुमार दत्ता द्वारा लिखित एक पत्र है। इसमें चाचा अरूप ने बच्चों को असम स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा का वर्णन किया है। उन्होंने इस यात्रा में देखे गए विभिन्न पशु-पक्षियों, उनके स्वभाव और वन्यजीवों के संरक्षण के महत्त्व के बारे में बताया है।
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है। यहाँ अनेक प्रकार के पशु-पक्षी पाए जाते हैं। लेखक सुबह-सुबह हाथियों पर सवार होकर उद्यान देखने गए। वहाँ उन्होंने हिरणों, जंगली भैंसों और एक सींग वाले भारतीय गैंडों को देखा। भारतीय गैंडे के शरीर पर मोटी तह होती है, जो कवच जैसी दिखाई देती है। यह हाथी के बाद भारत का सबसे बड़ा पशु बताया गया है।
पाठ में भगवान कृष्ण से जुड़ी एक रोचक कथा भी दी गई है। कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण ने गैंडे को कवच पहनाकर रणक्षेत्र में भेजने का विचार किया, लेकिन गैंडा निर्देशों का पालन नहीं कर सका। इसलिए उसे कवच सहित वन में वापस भेज दिया गया।
लेखक बताते हैं कि भारतीय गैंडों का उनके सींगों के लिए बहुत शिकार किया गया, क्योंकि लोग मानते थे कि उनके सींगों में औषधीय गुण हैं। बाद में वैज्ञानिकों ने सिद्ध किया कि सींग में ऐसे गुण नहीं हैं। अत्यधिक शिकार के कारण गैंडों की संख्या कम हो गई।
यात्रा के दौरान लेखक ने हिरणों के चार प्रकार—भौंकने वाले हिरण, बौने सूअर हिरण, दलदली हिरण और साँभर हिरण—देखे। उन्होंने जंगली सूअर भी देखे। अगले दिन वे जीप से निकले और एक बील यानी झील के पास पहुँचे। वहाँ पेलिकन, सारस, बगुला और कलहंस जैसे अनेक पक्षी थे। पानी में ऊदबिलाव भी उछल-कूद कर रहे थे।
वापसी में उन्हें जंगली हाथियों का एक झुंड दिखाई दिया। झुंड के सभी हाथियों के रास्ता पार करने तक एक विशाल हाथी निगरानी करता रहा। काजीरंगा में रॉयल बंगाल टाइगर भी पाए जाते हैं, लेकिन लेखक उन्हें नहीं देख सके, क्योंकि गाइड के अनुसार वे रात में निकलते हैं।
इस यात्रा से लेखक को यह सीख मिली कि अलग-अलग प्रजातियों के पशु शांति और भाईचारे से साथ रहते हैं। मनुष्य को भी उनसे सीख लेकर शांतिपूर्वक मिल-जुलकर रहना चाहिए।
शब्दार्थ :-
1. महावत — हाथी को संभालने और चलाने वाला व्यक्ति।
वाक्य: हमारे महावत ने एक रुचिकर कथा सुनाई।
2. वन संरक्षक — वन और वन्यजीवों की देखरेख करने वाला व्यक्ति।
वाक्य: हमारे साथ वन संरक्षक भी था।
3. मार्गदर्शक — रास्ता या जानकारी बताने वाला व्यक्ति।
वाक्य: मार्गदर्शक ने बताया कि बाघों को देखना कठिन है।
4. ब्रह्मपुत्र — एक नदी का नाम।
वाक्य: काजीरंगा उद्यान ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित है।
5. बील — झील या जलाशय।
वाक्य: ड्राइवर हमें एक बील यानी झील की ओर ले गया।
6. कलहंस — एक प्रकार का जलपक्षी।
वाक्य: बील पर पेलिकन, सारस, बगुला और कलहंस थे।
7. सारस — लंबी टाँगों और लंबी गर्दन वाला पक्षी।
वाक्य: झील के पास एक सारस दिखाई दिया।
8. बगुला — जल के पास पाया जाने वाला पक्षी।
वाक्य: बगुला पानी के किनारे खड़ा था।
9. ऊदबिलाव — पानी के पास रहने वाला एक स्तनधारी जीव।
वाक्य: बील के पानी में कुछ ऊदबिलाव भी उछल-कूद कर रहे थे।
10. जंगली सूअर — जंगल में रहने वाला सूअर।
वाक्य: हमें वहाँ जंगली सूअर भी दिखाई दिए।
11. संदेह — शक या अविश्वास।
वाक्य: हिरणों और भैंसों ने हमें संदेह की दृष्टि से देखा।
12. पालन करना — किसी आदेश या निर्देश के अनुसार काम करना।
वाक्य: गैंडा निर्देशों का पालन न कर सका।
13. सींग — कुछ पशुओं के सिर पर पाया जाने वाला कठोर भाग।
वाक्य: लोगों ने राइनो के सींग पाने के लिए उनका शिकार किया।
16. पशु-प्रेमी — पशुओं से प्रेम करने वाला व्यक्ति।
वाक्य: पूरे संसार से पशु-प्रेमी इसे देखने काजीरंगा आते हैं।
17. हमला — किसी पर आक्रमण करना।
वाक्य: हाथी के पास आने पर मादा गैंडा हमला कर सकती है।
18. यात्रा — एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने की क्रिया।
वाक्य: सुबह की यात्रा में हमने हिरणों के अनेक झुंड देखे।
19. नाश्ता — सुबह का हल्का भोजन।
वाक्य: अगले दिन सुबह का नाश्ता करके हम फिर निकल पड़े।
20. लौटना — वापस आना।
वाक्य: लौटते समय हमें जंगली हाथियों का एक झुंड दिखाई दिया।
21. विशाल - बहुत बड़ा
एक विशाल हाथी खड़ा निगरानी करता रहा।
22. अद्भुत - आश्चर्यजनक
मैंने आज एक अद्भुत जीव देखा।
23. मांसाहारी - मांस खाने वाला
काजीरंगा में मांसाहारी रॉयल बंगाल टाइगर भी हैं।
पाठ के मुख्य बिंदु :-
राष्ट्रीय उद्यान प्राकृतिक पर्यावरण तथा वहाँ के पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए सुरक्षित क्षेत्र होता है।
स्थान: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान असम में स्थित है। यह ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर है।
प्रमुख पहचान: एक सींग वाला भारतीय गैंडा।भारतीय गैंडा एक सींग वाला होता है। गैंडे के सींगों में औषधीय गुण होने की मान्यता को वैज्ञानिकों ने गलत सिद्ध किया।
यात्रा के साधन: हाथी और जीप।
देखे गए पशु: हिरण, जंगली भैंस, भारतीय गैंडा, जंगली सूअर, ऊदबिलाव और जंगली हाथी। पाठ में हिरणों के चार प्रकार बताए गए हैं। हाथियों के समूह को झुंड कहते हैं। रॉयल बंगाल टाइगर रात में निकलते हैं।
देखे गए पक्षी: पेलिकन, सारस, बगुला और कलहंस।
अन्य प्रमुख वन्यजीव: रॉयल बंगाल टाइगर।
मुख्य संदेश: वन्यजीवों की रक्षा करनी चाहिए तथा शांति, भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की भावना अपनानी चाहिए।