Thursday, September 17, 2026

कक्षा – 5 // हिन्दी // पाठ - 7 // मेरा बचपन

 

कक्षा – 5  // हिन्दी // पाठ - 7 //  मेरा बचपन

पाठ का सारांश

लेखकप्रेमचंद
मेरा बचपन’ पाठ में लेखक प्रेमचंद ने अपने बचपन की मधुर और आनंददायक यादों को साझा किया है। उन्हें अपना कच्चा घर, पयाल का बिछौना, नंगे पाँव खेतों में घूमना और आम के पेड़ों पर चढ़ना बहुत याद आता है। वे अपने चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव में मौलवी साहब के यहाँ पढ़ने जाते थे और सुबह मटर तथा जौ का चबेना खाते थे।

लेखक को रामलीला देखने और उसकी तैयारियों में भाग लेने में बहुत आनंद आता था। वे दोपहर से ही वहाँ पहुँच जाते और छोटे-मोटे काम पूरे उत्साह से करते थे। उन्हें बचपन में गुल्ली-डंडा खेलना विशेष रूप से पसंद था। वे बताते हैं कि इस खेल के लिए महँगे सामान की आवश्यकता नहीं होती थी। पेड़ की टहनी से गुल्ली-डंडा बनाकर बच्चे आसानी से खेल लेते थे।

लेखक के अनुसार गुल्ली-डंडा केवल एक खेल नहीं था, बल्कि उसमें मित्रता, उत्साह, सरलता और समानता की भावना भी थी। खेलते समय अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं रहता था और सभी बच्चे मिल-जुलकर खेलते थे। लेखक को आज भी गुल्ली-डंडा देखकर अपने बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।

पाठ में चना-चबेना, पहर, तमाशा, रामलीला और प्राथमिक चिकित्सा से जुड़ी गतिविधियाँ भी दी गई हैं। अंत में मुरलीकांत राजाराम पेटकर के जीवन और उनकी उपलब्धियों के माध्यम से लगन और परिश्रम का महत्व बताया गया है।

🌱 मुख्य संदेश

यह पाठ हमें सिखाता है कि बचपन की सरल खुशियाँ, मित्रता, खेल, उत्साह और मिल-जुलकर रहने की भावना जीवन की अनमोल यादें बन जाती हैं।

शब्द

अर्थ

वाक्य

बिछौना

सोने के लिए बिछाई जाने वाली वस्तु

दादी ने मेरे लिए नया बिछौना बिछाया।

चबेना

चबाकर खाया जाने वाला खाद्य पदार्थ

मुझे शाम को चबेना खाना पसंद है।

उत्साह

उमंग, जोश

बच्चों ने खेल में बहुत उत्साह दिखाया।

सजावट

सुंदर बनाने की प्रक्रिया

जन्मदिन पर घर की सजावट की गई।

विलायती

विदेशी

उसने विलायती खिलौना खरीदा।

अरुचि

पसंद न होना

मुझे कड़वी दवा से अरुचि है।

अभिमान

घमंड

हमें अपनी सफलता पर अभिमान नहीं करना चाहिए।

लगन

किसी काम को करने की इच्छा और मेहनत

रिया ने लगन से पढ़ाई की।

जमघट

बहुत से लोगों का एक जगह इकट्ठा होना

मैदान में बच्चों का जमघट लगा था।

मिठास

मीठापन

आम में बहुत मिठास है।

तमाशा

मनोरंजन का दृश्य या खेल

मेले में हमने एक मजेदार तमाशा देखा।

प्राथमिक

सबसे पहले या आरंभिक

घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार दिया गया।

प्रवीणता

किसी काम में अच्छी योग्यता

सीमा ने चित्र बनाने में प्रवीणता प्राप्त की।

प्रसिद्ध

मशहूर

लता बाजार अपनी मिठाइयों के लिए प्रसिद्ध है।

परिश्रम

मेहनत

परिश्रम से सफलता मिलती है।

अनुभव

किसी काम से प्राप्त ज्ञान

यात्रा का मेरा अच्छा अनुभव रहा।

भ्रमण

घूमना

हम रविवार को संग्रहालय के भ्रमण पर गए।

चिकित्सक

डॉक्टर

चिकित्सक ने रोगी की जाँच की।

कच्चा

पक्का न बना हुआ

गाँव में एक कच्चा घर था।

जेठे

उम्र में बड़े

मेरा भाई मुझसे दो साल जेठा है।

पात्र

नाटक में भूमिका निभाने वाला व्यक्ति

रामलीला के पात्र सुंदर वेश में थे।

टहनी

पेड़ की छोटी शाखा

चिड़िया टहनी पर बैठी है।

गुंजाइश

संभावना या जगह

इस कमरे में खेलने की गुंजाइश है।


बातचीत के लिए

1. लेखक को रामलीला की तैयारियों में कौन-कौन से काम सबसे अधिक उत्साहित करते होंगे?

उत्तर: लेखक रामलीला की तैयारियों में किसी पात्र का अभिनय करना, वेशभूषा पहनाना, मंच सजाना, गीत-भजन गाना, वाद्य यंत्र बजाना आदि कार्य सबसे अधिक उत्साहित होकर करते होंगे।

2. आपको लेखक के बचपन की कौन-कौन सी बातें सबसे अच्छी लगीं? वे बातें आपको अच्छी क्यों लगीं?

उत्तर: लेखक का पुराने व भारतीय खेलों के प्रति लगाव की बात, हमें सबसे अच्छी लगी । विद्यार्थी अन्य बातें भी लिख सकते हैं। 

3. खेलते समय चोट न लगे, इसके लिए आप क्या – क्या कर सकते हैं?

उत्तर: खेलते समय चोट न लगे, इसके लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं; जैसे- नियमों का पालन करें, एक-दूसरे को धक्का न दें, खतरनाक जगहों पर न खेलें आदि ।

4. लेखक के पिता और घर के अन्य सदस्य चौके में बैठे-बैठे क्या-क्या बातें करते होंगे?

उत्तर: लेखक के पिता और घर के अन्य सदस्य चौके में बैठे-बैठे रोज़मर्रा की बातें; जैसे – खाना क्या बनेगा, घर के खर्च, लेखक की पढ़ाई की चर्चा, गाँव- खेती आदि के बारे में बातें करते होंगे।

पाठ से

सोचिए और लिखिए

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
(क) लेखक के चचेरे भाई हलधर की आयु कितनी थी?
उत्तर: लेखक के चचेरे भाई हलधर की आयु 10 वर्ष थी।

(ख) लेखक ने अपनी घरवालों के क्रोध का कारण क्या बताया है?
उत्तर: लेखक ने अपने घरवालों के क्रोध का कारण उसका गुल्ली-डंडा खेलना बताया है। (ग) लेखक के अनुसार, गुल्ली-डंडा और विलायती खेलों में क्या अंतर है?

उत्तर: गुल्ली-डंडा, विलायती खेलों की तुलना में कम खर्चीला होता है।

(घ) इस पाठ में लेखक ने अपने बचपन के किन-किन अनुभवों को याद किया है?

उत्तर: इस पाठ में लेखक ने अपने चचेरे भाई हलधर के साथ दूसरे गाँव में पढ़ने जाना, रामलीला की तैयारियाँ करवाना, गुल्ली-डंडे से प्रेम, घरवालों द्वारा खेल को पसंद न किया जाने के विभिन्न अनुभवों को याद किया है।


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