Wednesday, August 26, 2026

कक्षा – 5 // हिन्दी // पाठ - 5 // सुंदरिया

 

कक्षा – 5  // हिन्दी // पाठ - 5 //  सुंदरिया

पाठ का सारांश

सुंदरिया” कहानी हीरासिंह और उसकी प्यारी गाय सुंदरिया के प्रेम, लगाव और ईमानदारी की कहानी है। हीरासिंह एक गरीब किसान था। उसके लिए अपने परिवार और सुंदरिया का पालन-पोषण करना कठिन हो रहा था। चारे की कमी के कारण उसने सुंदरिया को बेचने का विचार किया।

हीरासिंह दिल्ली में एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी करने लगा। सेठ ने एक अच्छी गाय खरीदने को कहा। मजबूरी में हीरासिंह सुंदरिया को सेठ के पास ले आया। सुंदरिया बहुत सुंदर और स्वस्थ थी तथा खूब दूध देती थी। सेठ ने उसे खरीद लिया।

सुंदरिया अपने मालिक हीरासिंह से बहुत जुड़ी हुई थी। वह नए मालिक के साथ जाने को तैयार नहीं थी। हीरासिंह ने उसे समझाकर सेठ के साथ भेज दिया। लेकिन सेठ के यहाँ सुंदरिया ने ठीक से दूध देना बंद कर दिया। बाद में पता चला कि वह हीरासिंह के प्रेम और अपनापन को बहुत याद करती थी।

एक रात सुंदरिया चुपके से हीरासिंह के पास आ गई। उसकी आँखों में जैसे पश्चात्ताप और दुख दिखाई दे रहा था। यह देखकर हीरासिंह भावुक हो गया और उसने निश्चय किया कि वह सुंदरिया को वापस गाँव ले जाएगा। उसने सेठ से कहा कि वह मेहनत करके उसके पैसे चुका देगा और सुंदरिया को लेकर गाँव चला गया।

कहानी का मुख्य संदेश:
यह कहानी हमें सिखाती है कि पशु भी प्रेम, स्नेह और भावनाओं को समझते हैं। हमें पशु-पक्षियों के प्रति दया, प्रेम और संवेदनशीलता रखनी चाहिए। साथ ही, हीरासिंह का चरित्र हमें प्रेम, ईमानदारी और जिम्मेदारी का महत्व बताता है।

शब्द

अर्थ

वाक्य

ईर्ष्या

जलन

सुंदरिया को देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी।

बंदोबस्त

प्रबंध

सेठ ने गाय के लिए अच्छे चारे का बंदोबस्त किया।

सिपुर्द

सौंपना

सेठ ने गाय को घोसी के सिपुर्द कर दिया।

रुसवाई

अपमान

हीरासिंह ने कहा, “सुंदरिया, मेरी रुसवाई क्यों कराती है?”

विह्वल

बहुत भावुक

सुंदरिया को देखकर हीरासिंह विह्वल हो उठा।

चाकरी

नौकरी

हीरासिंह सेठ के यहाँ चाकरी करता था।

कामधेनु

बहुत अधिक दूध देने वाली गाय

सुंदरिया दूध देने में कामधेनु जैसी थी।

सानी-पानी

पशु को दिया जाने वाला चारा और पानी

हीरासिंह ने सुंदरिया को सानी-पानी दिया।

एकटक

लगातार एक ही जगह देखना

हीरासिंह सुंदरिया को एकटक देखता रहा।

लाज से गड़ जाना

बहुत शर्मिंदा होना

अपनी बात सुनकर हीरासिंह लाज से गड़ गया।

परवरिश

पालन-पोषण

माता-पिता अपने बच्चों की अच्छी परवरिश करते हैं।

डील-डौल

शरीर की बनावट

सुंदरिया का डील-डौल बहुत अच्छा था।

मौसी

माँ की बहन

जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहता था।

प्यारी

प्रिय

सुंदरिया हीरासिंह की प्यारी गाय थी।

मजबूरी

विवशता

गरीबी के कारण हीरासिंह को मजबूरी में गाय बेचनी पड़ी।

चारा

पशुओं का भोजन

किसान ने गाय के लिए हरा चारा लाया।

चौकीदार

रखवाली करने वाला

हीरासिंह सेठ के यहाँ चौकीदार था।

ईमानदार

सच्चा और विश्वसनीय

हीरासिंह एक ईमानदार व्यक्ति था।

तनख्वाह

वेतन

हीरासिंह को हर महीने तनख्वाह मिलती थी।

घोसी

दूध बेचने वाला व्यक्ति

घोसी सुंदरिया को अपने साथ ले गया।

सहलाना

प्यार से हाथ फेरना

हीरासिंह ने सुंदरिया को प्यार से सहलाया।

पुचकारना

प्यार से दुलारना

हीरासिंह ने सुंदरिया को पुचकारा।

बिछोह

अलग होने का दुख

सुंदरिया का बिछोह हीरासिंह सहन नहीं कर पाया।

क्षमा

माफी

हमें अपनी गलती के लिए क्षमा माँगनी चाहिए।

अपराधिनी

अपराध करने वाली

सुंदरिया स्वयं को अपराधिनी समझ रही थी।

पश्चात्ताप

गलती पर दुख होना

गलती करने के बाद उसे पश्चात्ताप हुआ।

पुनरावृत्ति

फिर से होना

आज कहानी की पुनरावृत्ति की गई।

पालन-पोषण

देखभाल करना

पशुओं का अच्छा पालन-पोषण करना चाहिए।

निगाह

दृष्टि

उसकी निगाह सुंदरिया पर थी।

स्वस्थ

तंदुरुस्त

सुंदरिया एक स्वस्थ गाय थी।

घोसी

दूध बेचने वाला

घोसी गाय को लेकर चला गया।

सानी

पशु का चारा

किसान ने गाय के लिए सानी तैयार की।

थपथपाना

प्यार से हाथ फेरना

हीरासिंह ने सुंदरिया को थपथपाया।

इनकार

मना करना

सुंदरिया ने दूध देने से इनकार कर दिया।

सरासर

बिल्कुल / पूरी तरह

सेठ ने इसे सरासर धोखा समझा।

रकम

धन

उसने सेठ की रकम वापस कर दी।

 

बातचीत के लिए

1. जवाहरसिंह अपनी गाय को मौसी कहकर बुलाता है। आप अपने घर या आस-पास के पशु-पक्षियों को क्या कहकर पुकारते हैं ?

उत्तर: मेरे घर पर एक कुत्ता है। उसको हम लोग ब्राउनी कहकर बुलाते हैं। वहीं गायें तथा साँड़ भी आते हैं, उन्हें हम लोग उनके रंग तथा डील-डौल के आधार पर विभिन्न नामों से पुकारते हैं; जैसे- बछड़ा तथा बछिया के जोड़े को हीरा – मोती तथा बड़े दुलारे साँड़ को भोलू । पड़ोस की पालतू बिल्ली को म्याऊँ तथा पालतू तोते को मिट्ठू आदि ।

(विद्यार्थी अपनी अनुभव के आधार पर स्वयं उत्तर लिख सकते हैं।)

2. सुंदरिया के दूर चले जाने के बाद जवाहरसिंह को कैसा लगा होगा? जब आपका कोई प्रिय आपसे दूर हो जाए तो आपको कैसा लगता है?

उत्तर: सुंदरिया के दूर जाने के बाद जवाहरसिंह उदास रहने लगा होगा । उसे बार – बार उसकी याद आती होगी। इससे उसके कार्यों में बाधा उत्पन्न होती होगी । उसे अपने पिता पर गुस्सा भी आता होगा। साथ ही उसे पर्याप्त दूध – दही से भी वंचित रहना पड़ रहा होगा।

जब मेरा कोई मित्र मुझसे दूर हो जाता है, तब मुझे उसकी बड़ी याद आती है। मेरा मन किसी काम में नहीं लगता है, दिल बड़ा बेचैन – सा रहता है। उसके बारे में जानने तथा उससे बात करने का मन करता है। जब उसके बारे में जानकारी मिलती है या उससे बात करने का मौका मिलता है तो दिल को अच्छा लगता है।

(विद्यार्थी अपने मन के विचार भी लिख सकते हैं ।)

3. जवाहरसिंह सुंदरिया की देखभाल के लिए क्या-क्या करता होगा ?

उत्तर: जवाहरसिंह सुंदरिया की देखभाल में अपने घरवालों की मदद करता होगा। वह उसके खाने-पीने का ध्यान रखता होगा। उसे समय-समय पर सहलाता होगा, उससे बातें करता होगा । दूध दुहते समय उसके शरीर के मक्खी-मच्छरों को हवा करके भगाता होगा। उसे नहलाते समय अपने पिता जी को पानी देता होगा।

 4. आप अपने आस-पास के पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या करते हैं?

उत्तर: मैं अपनी छत पर पक्षियों तथा बंदरों के पीने के लिए बरतन में पानी रखता हूँ। घर में खाने के बाद बचे खाद्य-पदार्थ–रोटी, चावल, सब्ज़ी, कच्ची सब्ज़ी के बचे हिस्से आदि घर के बाहर एक बरतन में रखता हूँ, जिसे गली में आने वाली गायें, साँड़ तथा कुत्ते खाते हैं। मैं अपने घर के आस-पास पाले गए पशु-पक्षियों को प्यार करता हूँ, उनकी देखरेख में उनके मालिकों की मदद करता हूँ। अगर कोई इन पालतू पशु-पक्षियों को मारता या परेशान करता है तो मैं उसे ऐसा करने से रोकता हूँ।

पाठ से

नीचे दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर पर   का चिह्न बनाइए । प्रश्नों के एक अधिक उत्तर भी सही हो सकते हैं-––
प्रश्न 1. लोग सुंदरिया को देखकर ईर्ष्या क्यों करते थे?
(क) सुंदरिया को खाने-पीने को बहुत कुछ मिलता था।
(
ख) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी।
(
ग) सुंदरिया बहुत दूध देती थी।
(
घ) सुंदरिया सभी से प्रेम करती थी।
उत्तर:
(ख) सुंदरिया बहुत आकर्षक थी। 
(
ग) सुंदरिया बहुत दूध देती थी। 

प्रश्न 2. हीरासिंह के मन में सुंदरिया को बेचने की बात क्यों आई?
(क) सुंदरिया सभी को परेशान करने लगी थी।
(
ख) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था।
(
ग) सुंदरिया हीरासिंह के घर नहीं रहना चाहती थी।
(
घ) सुंदरिया पड़ोसियों को परेशान करती थी।
उत्तर:
(ख) सुंदरिया के लिए चारे का प्रबंध करना कठिन हो गया था। 

 प्रश्न 3. हीरासिंह ने स्वयं को गाय की नौकरी पर लगाने की बात क्यों कही ?

(क) सुंदरिया को ठीक से चारा नहीं मिलता था।
(
ख) वह गाय से बिछोह सहन नहीं कर पा रहा था।
(
ग) उसे रुपयों की आवश्यकता थी।
(
घ) गाय घोसी के व्यवहार से प्रसन्न नहीं थी।
उत्तर:
(ख) वह गाय से बिछोह सहन नहीं कर पा रहा था। 

प्रश्न 4. गाय घोसी के साथ क्यों नहीं जाना चाहती थी?
(क) गाय हीरासिंह और उसके परिवार से अलग नहीं होना चाहती थी।
(
ख) गाय को भय था कि घोसी उसे स्नेह से नहीं पालेगा।
(
ग) गाय को अपने गाँव के सभी लोगों की याद आ रही थी।
(
घ) गाय बीमार थी और चल नहीं पा रही थी ।
उत्तर:
(ख) गाय को भय था कि घोसी उसे स्नेह से नहीं पालेगा। 

सोचिए और लिखिए

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए-
(क) हीरासिंह गाय को बेचने से क्यों डर रहा था ?
उत्तर: खाने-पीने की कमी होने के कारण हीरासिंह गाय को बेच देना चाहता था, मगर उसका बेटा जवाहरसिंह उसे बहुत प्यार करता था तथा उसे मौसी कहता था इसलिए बेचने से डरता था।

(ख) सेठ हीरासिंह की गाय को देखकर क्यों प्रसन्न हुआ ?
उत्तर: सेठ ने सुंदरिया जैसी सुंदर, स्वस्थ गाय पहले कभी नहीं देखी थी, इसलिए वह उसे देखकर प्रसन्न हुआ।

(ग) “तुमने मुझे धोखे में क्यों रखा?” सेठ ने हीरासिंह से ऐसा क्यों कहा?

उत्तर: सेठ के घर आने के दूसरे दिन सवेरे सुंदरिया गाय ने पाँच सेर भी दूध नहीं दिया, जबकि हीरासिंह ने पिछले ही दिन पंद्रह सेर से कुछ ऊपर दूध दुहकर निकाला था। यह देखकर सेठ ने हीरासिंह से ऐसा कहा ।

(घ) सेठ के कुछ कहने से पहले ही हीरासिंह गाय को लेकर क्यों चल दिया?

उत्तर: गाय को घर वापस ले जाने के पहले की रात को गाय की स्थिति देखकर तथा उसके दुख का अनुभव कर हीरासिंह बहुत व्याकुल हो गया तथा रो पड़ा । उसे लगा कि अब गाय को यहाँ रखना ठीक नहीं है, इसलिए उसने सेठ से साफ़-साफ़ बात की तथा सेठ के कुछ कहने से पहले ही गाय को लेकर गाँव की ओर चल पड़ा।

सुंदरिया और हीरासिंह

प्रश्न 1. कहानी में सुंदरिया की बहुत-सी विशेषताओं का पता चलता है। उन विशेषताओं को नीचे लिखिए । आपकी सुविधा के लिए एक उदाहरण दिया जा रहा है-



उत्तर:


  • वह बहुत आकर्षक है।
  • वह काफी दूध देती है।
  • वह मालिक की आज्ञा का पालन करती है।
  • वह अच्छे डील-डौल वाली है।
  • वह मालिक से काफी लगाव रखती है।
  • वह अपना अपराध स्वीकार करने वाली है।

प्रश्न 2. अब आप हीरासिंह की विशेषताओं को अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
हीरासिंह की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  • पशु-प्रेमी
  • भावुक
  • ईमानदार
  • परिवार के लिए समर्पित

समझ और अनुभव

प्रश्न 1. क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते हैं? कोई अनुभव साझा कीजिए ।
उत्तर: हाँ, यह बिलकुल सही है कि पशु-पक्षी भी हमारी भावनाएँ समझते हैं। इसका अनुभव मेरी जिंदगी में कई बार हुआ है। इनमें से एक हाल की घटना का वर्णन मैं करना चाहूँगा । एक दिन मैंने एक काले कुत्ते को अपने दरवाज़े पर धूप में बैठा देखा। जब मैं उसके पास गया तो वह मुझसे डरकर वहाँ से उठकर जाने लगा। मैंने उसे पुचकारा तथा उसके सिर पर हाथ रखकर उसे धीरे-धीरे सहलाने लगा।

उसे खाने को रोटी दी। ऐसा करने से मेरे प्रति उसका डर चला गया तथा वह वहीं बैठा रहकर अपनी पूँछ हिलाने तथा मुझे प्यार से देखने लगा। मैंने उसे कालू कहकर पुकारा। इसके बाद वह जब भी मुझसे मिला। अपनी पूँछ हिलाकर मुँह से प्यार भरी कूँ- कूँ करके तथा अपने दोनों पैरों को एक-एक करके सीधा करके मेरे प्यार का प्रति उत्तर दिया। इतना ही नहीं मैं पैदल रहूँ या अपनी साइकिल पर वह मुझे दिन-रात कभी भी दूर से ही पहचान जाता है तथा मेरे पास आ जाता है।

(विद्यार्थी अपना अनुभव साझा कर सकते हैं।)

प्रश्न 2. जवाहरसिंह सुंदरिया को मौसी कहकर क्यों संबोधित करता होगा ?
उत्तर: बच्चों का अपनी माँ से जन्मजात लगाव होता है। उसके बाद उनका लगाव मौसी से होता है, क्योंकि वह बच्चे को माँ जैसा ही प्यार करती है। सुंदरिया गाय जवाहरसिंह के लिए मौसी जैसी थी, क्योंकि माँ के बाद उसी का दूध पीकर वह बड़ा हुआ था। घर की स्थिति खराब होने पर भी सुंदरिया के कारण उसे पौष्टिक आहार मिल जाता था। साथ ही वह उसका बड़ा ख्याल रखता था तथा वह (गाय) भी उसको प्यार करती थी। इन्हीं सब कारणों से वह उसे मौसी कहकर संबोधित करता होगा।

प्रश्न 3. हम देखते हैं कि नगरों में बड़े पशुओं (गाय, भैंस, ऊँट आदि) को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। आपको इसके क्या कारण लगते हैं?
उत्तर: नगरों में खुले स्थानों का काफ़ी अभाव होता है। कम स्थान के कारण बहुमंजिली इमारतें बनाई जाती हैं। इन इमारतों में कुत्ता, बिल्ली जैसे छोटे जानवरों को पालने की गुंजाइश होती है, मगर गाय, भैंस, ऊँट आदि को पालने की गुंजाइश नहीं होती है। साथ ही ऐसे बड़े जानवरों को पालने पर काफ़ी अधिक खर्च आता है, जिसे उठा पाने की सामर्थ्य शहरी लोगों में प्रायः नहीं होती है। इतना ही नहीं, ऐसे जानवरों के चारे – पानी का सामान भी वहाँ आसानी से नहीं उपलब्ध हो पाता है। इन्हीं सब कारणों से यहाँ ऐसे पशुओं को पालतू बनाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है।

प्रश्न 4. पशु-पक्षी मनुष्य की तरह बोल तो नहीं पाते परंतु वे भी आपस में अपनी बातें करते होंगे। क्या आप इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर के लिए उदाहरण भी दीजिए ।
उत्तर: पशु-पक्षी अपनी बात एक- दूसरे तक पहुँचाने के लिए अपनी बोलियों का उपयोग करते हैं। इसका उदाहरण हम अपने आस-पास देखते रहते हैं; जैसे – किसी कौए को कुछ खाने को मिलने पर वह अन्य साथ कौओं को काँव-काँव बोलकर बुलाता है। झुंड से किसी भैंस के पीछे छूट जाने पर अन्य भैंसें उसे आवाज़ देकर बुलाती हैं। कुत्ते अपने क्षेत्र में किसी अन्य क्षेत्र के कुत्ते के आने पर या किसी खतरे की आशंका उत्पन्न होने पर साथी कुत्तों को भौंककर बुलाते हैं आदि ।

अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1. गाय का नाम ‘सुंदरिया’ किसने एवं क्यों रखा होगा?
उत्तर: जहाँ तक अनुमान है, गाय का नाम ‘सुंदरिया’ जवाहरसिंह के माता-पिता ने उसकी सुंदरता, स्वास्थ्य तथा डील-डौल को देखकर रखा होगा।

प्रश्न 2. हीरासिंह के घर से सुंदरिया की विदाई के दृश्य की कल्पना कीजिए ।
उत्तर: सुबह का समय था । हीरासिंह अपनी प्यारी गाय सुंदरिया को भावुक होकर देख रहा था। सुंदरिया की विदाई सोच-सोचकर हीरासिंह का मन बहुत दुखी हो रहा था। उसके बेटे जवाहरसिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। घर के बाकी सदस्य भी उदास थे क्योंकि सुंदरिया उनके परिवार का हिस्सा थी । सुंदरिया भी सबको चुपचाप देख रही थी, जैसे उसे भी दुख हो रहा हो। जैसे ही वह दूर जाती रही, सभी रुआँसे हो उसे देख रहे थे । यह दृश्य बहुत दुखद और भावुक था।

प्रश्न 3. सुंदरिया को वापस घर लेकर जाते हुए हीरासिंह को कैसा लग रहा होगा एवं क्यों ?
उत्तर: ऐसा करते हुए हीरासिंह को काफ़ी संतोषजनक तथा प्रसन्नता भरा लग रहा होगा, क्योंकि इससे सुंदरिया प्रसन्न थी तथा उसके घर जाने से उसका बेटा भी प्रसन्न हो जाएगा, क्योंकि वह सुंदरिया को बहुत प्यार करता है तथा उसे मौसी कहता है।

भाषा की बात

प्रश्न 1. नीचे दिए गए मुहावरों का प्रयोग कहानी में किया गया है। कहानी में इन्हें ढूँढ़िए और इनके अर्थ लिखकर अपनी लेखन-पुस्तिका में वाक्य बनाइए-


उत्तर:
लाज से गड़ जाना ( बहुत ज़्यादा शर्मिंदा होना) – सयाने बेटे की भरे समाज में ओछी हरकते देखकर माँ लाज से गड़ गई कि वह कैसे बताए कि वह उसी का बेटा है।

दूध देने में कामधेनु (अधिक दूध देने वाली) – ब्रिटेन की जर्सी नस्ल की गाय काफ़ी अधिक दूध देती है। इस कारण कहा जा सकता है कि यह दूध देने में कामधेनु है ।

जी भर जाना (करुणा आदि से विचलित होना) – नए घर में स्थान की कमी के कारण ओम ने अपना प्यारा टॉमी अपने दोस्त को दे तो दिया, मगर उसकी आँखों को देखकर उसका जी भर आया ।

एकटक देखना (बिना पलक झपकाए देखना) – मेहमान अपनी गाड़ी से निकल गए और मैं उनकी गाड़ी को एकटक देखता रह गया।

आँख लगना (नींद आना) – काम करते-करते उसकी आँखें लग गईं, तभी उसके पड़ोसी ने उसे सचेत किया।

प्रश्न 2. नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। वाक्यों में रेखांकित शब्द से मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द चुनकर वाक्य पुनः लिखिए-
(
क) सुंदरिया की सुंदरता से कई लोगों को जलन होती थी। (प्रसन्नता/ईर्ष्या)
(
ख) वहाँ की गायें अच्छी होती हैं। एक गाय का बंदोबस्त कर दो। (प्रबंध/संकेत)
(
ग) सुंदरिया मेरी रुसवाई क्यों कराती है? (प्रशंसा / अपमान)
(
घ) सुंदरिया को देखकर हीरासिंह विह्वल हो उठा। (भावुक / प्रसन्न)
(
ङ) आप मुझसे जितने महीने चाहें, कसकर चाकरी करवाएँ। (नौकरी / बागवानी)
उत्तर:
(
क) सुंदरिया की सुंदरता से कई लोगों को ईर्ष्या होती थी।
(
ख) वहाँ की गायें अच्छी होती हैं। एक गाय का प्रबंध कर दो।
(
ग) सुंदरिया मेरा अपमान क्यों कराती है ?
(
घ) सुंदरिया को देखकर हीरासिंह भावुक हो उठा।
(
ङ) आप मुझसे जितने महीने चाहें, कसकर नौकरी करवाएँ ।

प्रश्न 3. कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए । आपको इनका क्या अर्थ समझ आया? अपने विचार समूह में साझा कीजिए-
(
क) रुपए तो ले लिए लेकिन हीरासिंह का जी भरा जा रहा था।
(
ख) गाय की नौकरी पर मुझे लगा दीजिए। चाहे तनख्वाह कम कर दीजिए।
(
ग) गाय ने उसकी ओर देखा । जैसे पूछना चाहती थी – “क्या सचमुच ही इसके साथ चली जाऊँ?”
(
घ) फिर गाय के गले पर सिर रखकर बोला – “सुंदरिया, देख… मेरी ओछी मत करा। मैं दूर हूँ तो क्या ! इसमें मुझे सुख है?”
उत्तर:
(
क) हीरासिंह को गाय बेचने का बहुत दुख हुआ क्योंकि वह उसे अपने परिवार का हिस्सा मानता था ।
(
ख) हीरासिंह को पैसों से ज़्यादा सुंदरिया से लगाव था। वह गाय की देखभाल करने की नौकरी करना चाहता है, भले ही उसे पैसे कम मिले।
(
ग) इससे पता चलता है कि गाय और हीरासिंह के बीच प्रगाढ़ प्रेम था। गाय को भी अपने मालिक से बिछड़ने का दुख था। वह समझ रही थी कि कुछ गलत हो रहा है और वह हीरासिंह की आँखों में जवाब ढूँढ़ रही थी।
(
घ) इस वाक्य से हीरासिंह के सुंदरिया के प्रति गहरे प्रेम, दुख और मजबूरी का पता चलता है। वह चाहता था कि सुंदरिया उसके मन की बात समझे, उसे गलत न समझे। वह मजबूरी के कारण उससे दूर हुआ है।

प्रश्न 4. रेखांकित शब्द किसके लिए प्रयोग किए गए हैं? पहचानकर लिखिए-
(क) उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई । – हीरासिंह के लिए
(
ख) उसे देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी। – …………..
(
ग) वह कैसे बताए कि सुंदरिया उसके परिवार का अंग है। – …………..
(
घ) सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न देखी थी। – …………..
(
ङ) गाय उसके साथ जाना ही नहीं चाहती थी। – …………..
उत्तर:
(क) उसे एक सेठ के यहाँ चौकीदार की नौकरी मिल गई । – हीरासिंह के लिए
(ख) उसे देखकर लोगों को ईर्ष्या होती थी। – सुंदरिया गाय के लिए
(ग) वह कैसे बताए कि सुंदरिया उसके परिवार का अंग है। – हीरासिंह के लिए
(घ) सचमुच वैसी सुंदर, स्वस्थ गाय उन्होंने अब तक न देखी थी। – सेठ के लिए
(ङ) गाय उसके साथ जाना ही नहीं चाहती थी। – घोसी

पाठ से आगे

प्रश्न 1. नीचे कुछ चित्र दिए गए हैं। इनको देखते हुए अपने समूह में चर्चा कर यह सुझाइए कि हम पशु-पक्षियों के लिए क्या-क्या कर सकते हैं। आप इनके अतिरिक्त भी कुछ और बिंदु जोड़ सकते हैं।



(
नोट : विद्यार्थी चित्रों के लिए पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 55 देखें।)
उत्तर: पशु-पक्षी भी हमारी तरह जीते-जागते जीव होते हैं। हम उनकी देखभाल कई तरीकों से कर सकते हैं; जैसे- हम चिड़ियों के लिए पेड़ पर घर (बर्ड हाउस) बना सकते हैं और गर्मियों में उनके लिए पानी रख सकते हैं। उन्हें दाना डालना भी एक अच्छा काम है। पालतू जानवरों जैसे कुत्ते और बिल्ली को समय पर खाना खिलाना, नहलाना और साफ़ रखना चाहिए।

ठंड के दिनों में हम उन्हें गरम कपड़े पहना सकते हैं। गाय और बकरी जैसे जानवरों को हम फल-सब्ज़ियों के छिलके खिलाकर उनका पेट भर सकते हैं। अगर कोई पक्षी या जानवर घायल हो जाए, तो हमें उसे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। हमें पशु-पक्षियों से प्यार करना चाहिए और उनके साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। उनकी देखभाल करना हमारा कर्तव्य है।

प्रश्न 2. आपके घर में दूध कहाँ से आता है? यह भी पता कीजिए कि किन-किन पशुओं का दूध पीने के लिए उपयोग किया जाता है।
उत्तर: पहले मेरे घर में दूध दूधवाला दे जाता था। अब यह पास की डेरी तथा किराने की दुकान से आता है। सामान्यतः गाय, भैंस का दूध पीने के लिए उपयोग किया जाता है। इनके अतिरिक्त देश-विदेश के कुछ क्षेत्रों में बकरी, भेड़, ऊँटनी, याक आदि का दूध भी पीने के काम आता है।

कल्पना की उड़ान

सेठ के घर से लौटकर जाते हुए हीरासिंह सुंदरिया को बहुत प्यार करता है, उसको सहलाता है एवं उससे बातें करता है। यदि सुंदरिया भी बोल सकती तो कल्पना कीजिए कि सुंदरिया और हीरासिंह के बीच क्या बातचीत होती ।


उत्तर:
सुंदरिया – क्या आप मुझे सच में छोड़कर जा रहे हैं?
हीरासिंह – मैं तुझे छोड़ना नहीं चाहता। पर क्या करूँ, मेरी मजबूरी है।
सुंदरिया – मैं आपके बिना कैसे रहूँगी ?
हीरासिंह – तू जहाँ भी रहे, खुश रहना । मैं तुझे फिर से लेने आ जाऊँगा ।

बूझो पहेली


उत्तर: कोयल, कछुआ, नाव

भूल-भुलैया

जवाहरसिंह ने सुंदरिया के बारे में जानने के लिए अपने पिता हीरासिंह को पत्र लिखा है। महिला डाकिया उस पत्र को हीरासिंह तक पहुँचाना चाहती है। आपको इस पहेली को हल करते हुए उसे बाहर निकालना है ताकि वह हीरासिंह तक पहुँच सके।


उत्तर:



(
संकेतों के लिए पाठ्यपुस्तक की पृष्ठ संख्या – 58 देखें।)

 


POPULAR POSTS