कक्षा – 5 // हिन्दी // पाठ - 1 // किरन
🌞 कविता का भाव
यह कविता सूरज की किरण (किरन) और एक बालिका की बातचीत है। किरन रोज सुबह आती है और बच्चों को जगाती है। वह कभी सोती नहीं और हमेशा काम करती रहती है। दिन-रात का चक्र भी इसी से जुड़ा है।
पृथ्वी
अपनी धुरी पर घूमती है जिससे दिन और रात होते हैं। जहाँ सूर्य का प्रकाश पड़ता है वहाँ
दिन होता है और जहाँ नहीं पड़ता वहाँ रात होती है।
🧠 बातचीत के लिए
1. आपको कैसे पता चलता है कि सुबह हो
गई है ?
- सूरज निकलने, रोशनी होने, पक्षियों के चहचहाने और लोगों
के जागने से पता चलता है कि सुबह हो गई है।
2. ऐसे कौन-कौन से कार्य हैं जो सूर्य
के प्रकाश के बिना संभव नहीं हैं ?
- पढ़ना, लिखना, खेती करना, पौधों का बढ़ना, कपड़े सुखाना आदि।
3. सुबह और शाम में से आपको कौन-सा समय
अधिक अच्छा लगता है और क्यों ?
- सुबह का समय अच्छा लगता है
क्योंकि वातावरण ताज़ा होता है और पढ़ाई के लिए अच्छा होता है।
4. बालिका किसके साथ खेली?
- बालिका किरण के साथ खेली।
5. बालिका अकेली क्यों रह गई?
- क्योंकि किरण उसे सुलाकर
दूसरी दुनिया चली गई थी।
6. बालिका की भावनाएँ
- बालिका अकेलापन महसूस कर रही थी और उसे नींद नहीं आ रही थी।
7. ‘अकेली’
अर्थ: जिसके साथ कोई न
हो
वाक्य: वह लड़की घर में अकेली
बैठी थी।
8. किरन किसका प्रतीक है?
- सूरज की रोशनी (प्रभात)
9. बालिका कहाँ से नहीं निकल पाई?
- बिस्तर से
10. किरन
सुबह क्या करती है?
- सबको जगाती है और दिन की शुरुआत करती है।
11. बालिका ने दिन भर कैसे समय बिताया?
- किरण के साथ खेलकर।
12. किरन के जल्दी आने से हमारी दिनचर्या पर क्या प्रभाव
पड़ता हे ?
- लोग जल्दी उठते हैं, दिनचर्या समय पर शुरू होती है, ताजगी मिलती है।
13. कविता मित्रता और प्रकृति के सम्बद्ध को कैसे दर्शाती हे ?
- कविता में किरण को दोस्त की तरह दिखाया गया है, जो साथ खेलती है।
14. इस कविता से आपको क्या सीख मिलती हे ?
- समय पर
सोना और सुबह जल्दी उठना चाहिए।
मिलान
(i) किरन → (ग) जो दिन की शुरुआत करती है
(ii) बालिका → (क) जिसकी पढ़ने से नींद
उड़ गई
(iii) परी कथाएँ → (घ) जो सपनों की दुनिया
में ले जाती हैं
(iv) रात → (ख) जो रहस्य और शांति से
भरी होती है
📗 पाठ से (MCQ)
1. किरन के अनुसार वह मुख्य रूप से कौन-सा काम करती है?
✅ (क) सोते बच्चों को जगाना
2. बालिका को बहुत देर तक नींद क्यों नहीं आई?
✅ (ख) क्योंकि वह पढ़ रही थी
3. जब किरन आई, उस समय बालिका क्या कर रही थी?
✅ (क) वह सो रही थी
4.
किरन कब आती है?
- भोर में
5.
बालिका ने रात में कौन-सी कथाएँ पढ़ीं?
- परी कथाएँ
6.
बालिका को सुलाकर ‘किरण’ कहाँ जाती है?
- दूसरी दुनिया में
7.
किरन दूसरी दुनिया में क्यों जाती है?
- सोए बचों को जगाने केलिए
8.
‘किरण’ लौटकर कब आती है?
- सुबह होते ही
✍️ सोचिए और लिखिए
1.
किरन ने दूसरी दुनिया में जाने की बात क्यों कही होगी?
👉 क्योंकि जब यहाँ रात होती है, तब दुनिया के दूसरे भाग में दिन होता है, इसलिए वह वहाँ चली जाती है।
2.
‘वहाँ’ और ‘यहाँ’ किसके लिए प्रयुक्त हैं?
👉 ‘यहाँ’ = हमारी दुनिया (जहाँ बालिका है)
👉 ‘वहाँ’ = दूसरी जगह (जहाँ उस समय दिन होता है)
3.
हम प्रकृति के लिए क्या कर सकते हैं?
👉 पेड़ लगाना, पानी बचाना, प्रदूषण कम करना, जानवरों की रक्षा करना।
4.
कौन-सी पंक्तियाँ बताती हैं कि किरन दिन भर रहती है?
👉 “तुम्हें सुलाकर एक दूसरी दुनिया में मैं जाती हूँ
वहाँ शाम हो जाती है तो लौट यहाँ फिर आती हूँ।”
🧠 समझ और अनुभव
1.
आपको अपने आस-पास कौन-कौन परिश्रम करते दिखाई देते हैं?
👉 किसान, मजदूर, शिक्षक, डॉक्टर, माता-पिता
आदि।
2.
कौन लोग आपको जगाते, खेलते और प्रोत्साहित करते हैं?
👉 माता-पिता, शिक्षक
और मित्र।
3.
सूर्य/चाँद से जुड़ा त्योहार:
👉 छठ
पूजा / करवा चौथ / मकर संक्रांति
🌟 अनुमान और कल्पना
1.
यदि किरन न आए या न जाए तो क्या होगा?
👉 दिन-रात
का क्रम बिगड़ जाएगा और जीवन कठिन हो जाएगा।
2.
आप किरन के साथ कहाँ जाना चाहेंगे और क्यों?
👉 मैं
सुंदर प्राकृतिक स्थानों पर जाना चाहूँगा क्योंकि वहाँ शांति और सुंदरता होती है।
✨ भाषा की बात
समानार्थी शब्द:
नभ → आकाश, अंबर
हवा → वायु, पवन
पेड़ → वृक्ष, तरु
फूल → कुसुम, सुमन
दुनिया → संसार, विश्व
किरन → प्रभा
रात → निशा
बच्चा → बालक
नींद → निद्रा
विलोम शब्द
(क) मैं आज यह परी-कथा पढ़ूँगा, कल आप पढ़ लेना।
(ख) मैं जब तक खेलने के लिए आई तब तक हरिका
चली गई थी।
(ग) वह सुबह आया और शाम को
चला गया।
(घ) मेरे जागने और सोने का
समय निश्चित है।
जल्दी ↔ देर
सुख ↔ दुख
रात ↔ दिन
बड़ी ↔ छोटी
दूर ↔ पास
सर्वनाम
(i) तू सुख से सोई होगी।
(ii) कल हम दोनों शाम तक खेले।
(iii) मैं कब सो पाती हूँ।
(iv) वह जगाती है।
(v) ‘किरण’ बोली, तुम चलें?
सही/गलत
(i) किरन सुबह देर से आती है।
❌ गलत
(ii) बालिका नींद न आने से
परेशान थी।
✔️ सही
(iii) किरन बच्चों को जगाती है।
✔️ सही
(iv) बालिका अकेलापन महसूस
नहीं करती।
❌ गलत
(v) किरन लौटकर कभी नहीं आती।
❌ गलत
रिक्त स्थान
(i) अरी किरण तू उठकर इतनी जल्दी आज चली आई। (किरण, जल्दी)
(ii) मैं तो बिस्तर में से अब तक निकल नहीं पाई। (बिस्तर, बगीचा )
(iii) कल तो तेरे साथ शाम तक खेल बहुत से खेली मैं।
( भोर, शाम)
(iv) तू सुबह से सोई होगी पर मुझको नींद नहीं आई। ( सोई, चली)
(v) परी कथाएँ पढ़ते-पढ़ते बड़ी देर में सो पाई। ( देर, खुशी)
सामान्य वाक्य: सूरज निकल आया है और चारों ओर रोशनी फैल गई है।
कविता का रूप: सूरज आया, रोशनी लाई,
चमकी धरती, खुशियाँ छाई।
सामान्य वाक्य: बच्चे खेल रहे हैं और खुश
हैं।
कविता का रूप: हँसते-गाते खेलें बच्चे,
खुशियों
से भर गए हैं कच्चे।
सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की एक प्रसिद्ध अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
हैं। उनका जन्म 19 सितम्बर 1965 को अमेरिका में हुआ था। उनके पिता
भारतीय हैं और माता स्लोवेनियाई मूल की हैं।
उन्होंने अमेरिका की नौसेना में पायलट के रूप में काम
किया और बाद में नासा में अंतरिक्ष यात्री बनीं। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में
कई बार यात्रा की है और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भी काम किया है।
उन्होंने अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने और कई बार
स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में बाहर निकलकर काम करना) करने का रिकॉर्ड भी बनाया है। वे
अपने साहस और मेहनत के लिए जानी जाती हैं।
सुनीता विलियम्स हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने
दिखाया कि मेहनत और लगन से हम बड़े से बड़े सपने पूरे कर सकते हैं।