कक्षा – 4 // हिन्दी // पाठ - 13 // हमारा आदित्य
पाठ का सारांश
नए
शब्द, अर्थ
एवं वाक्य
आदित्य – सूर्य
वाक्य: आदित्य हमें प्रकाश देता है।
तारा
– आकाश में चमकने वाला पिंड
वाक्य: सूर्य एक तारा है।
गैस
– हवा जैसी अवस्था
वाक्य: सूर्य गैसों से बना है।
लगरांज बिंदु – अंतरिक्ष का विशेष स्थान
वाक्य: आदित्य-एल1 लगरांज बिंदु पर है।
वैज्ञानिक – विज्ञान का अध्ययन करने वाला व्यक्ति
वाक्य: वैज्ञानिक सूर्य पर शोध करते हैं।
ऊर्जा – शक्ति
वाक्य: सूर्य से हमें ऊर्जा मिलती है।
अंतरिक्ष – पृथ्वी के बाहर का आकाश
वाक्य: अंतरिक्ष में अनेक ग्रह हैं।
आदित्य-एल
1
अर्थ: सूर्य के अध्ययन के लिए भेजा गया भारतीय अंतरिक्ष यान
वाक्य: आदित्य-एल 1 सूर्य के रहस्यों का
पता लगा रहा है।
अंतरिक्ष
यान
अर्थ: अंतरिक्ष में भेजा जाने वाला यंत्र
वाक्य: अंतरिक्ष यान वैज्ञानिकों के लिए बहुत उपयोगी होते हैं।
लगरांज
बिंदु
अर्थ: अंतरिक्ष का विशेष संतुलित स्थान
वाक्य: आदित्य-एल 1 लगरांज बिंदु पर
स्थापित है।
प्रक्षेपण
अर्थ: रॉकेट या यान को अंतरिक्ष में भेजने की प्रक्रिया
वाक्य: आदित्य-एल 1 का प्रक्षेपण सफल
रहा।
अध्ययन
अर्थ: गहराई से जानना
वाक्य: वैज्ञानिक सूर्य का अध्ययन कर रहे हैं।
रहस्य
अर्थ: छिपी हुई बात
वाक्य: सूर्य के कई रहस्य अभी भी अनजान हैं।
किरणें
अर्थ: प्रकाश की सीधी रेखाएँ
वाक्य: सूर्य की किरणें पृथ्वी को गर्म करती हैं।
गरमी
अर्थ: ऊष्मा
वाक्य: गर्मी के मौसम में सूर्य की गरमी अधिक होती है।
गर्व
अर्थ: अभिमान
वाक्य: हमें अपने देश के वैज्ञानिकों पर गर्व है।
जिज्ञासा
अर्थ: जानने की इच्छा
वाक्य: इस पाठ से बच्चों में जिज्ञासा बढ़ती है।
अद्भुत
अर्थ: बहुत आश्चर्यजनक
वाक्य: आदित्य-एल 1 द्वारा भेजे गए चित्र
अद्भुत हैं।
सुरक्षा
अर्थ: बचाव
वाक्य: अंतरिक्ष यान को सूर्य की गरमी से सुरक्षा दी गई है।
तापमान
अर्थ: गरमी की मात्रा
वाक्य: सूर्य का तापमान बहुत अधिक होता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न
1. सूर्य क्या है?
(क) ग्रह (ख) तारा
(ग) उपग्रह (घ) तारा नहीं
उत्तर: (ख) तारा
2. आदित्य-एल1 किससे संबंधित है?
(क) चंद्रमा (ख) पृथ्वी (ग) सूर्य
(घ) मंगल
उत्तर: (ग) सूर्य
3. सूर्य किन गैसों से बना है?
(क) ऑक्सीजन-नाइट्रोजन (ख) हाइड्रोजन-हीलियम (ग) कार्बन
(घ) कोई नहीं
उत्तर: (ख) हाइड्रोजन-हीलियम
बहुत लघु उत्तर
1. आदित्य
का अर्थ क्या है?
उत्तर:
आदित्य का अर्थ सूर्य है।
2. सूर्य
क्या है?
उत्तर:
सूर्य एक तारा है।
3. सूर्य
किन गैसों से बना है?
उत्तर:
सूर्य हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है।
4. आदित्य-एल
1 क्या
है?
उत्तर:
आदित्य-एल 1 सूर्य का अध्ययन करने वाला अंतरिक्ष यान
है।
5. आदित्य-एल
1 किस
देश का मिशन है?
उत्तर:
यह भारत का मिशन है।
6. आदित्य-एल
1 किस
संस्था ने बनाया है?
उत्तर:
इसरो ने।
7. ‘एल 1’ क्या
दर्शाता है?
उत्तर:
यह लगरांज बिंदु 1 को दर्शाता है।
8. लगरांज
बिंदु क्या है?
उत्तर:
अंतरिक्ष का एक संतुलित विशेष स्थान।
9. आदित्य-एल
1 सूर्य
पर क्यों नहीं जाता?
उत्तर:
क्योंकि सूर्य बहुत अधिक गरम है।
10. सूर्य
की ओर सीधे देखना क्यों मना है?
उत्तर:
क्योंकि इससे आँखों को नुकसान हो सकता है।
11. आदित्य-एल
1 कहाँ
से सूर्य के चित्र लेता है?
उत्तर:
लगरांज बिंदु एल 1 से।
12. सूर्य
से हमें क्या-क्या मिलता है?
उत्तर:
प्रकाश, ऊष्मा और ऊर्जा।
13. सूर्य
की किरणें किसके लिए लाभदायक हैं?
उत्तर:
मनुष्यों और पृथ्वी के लिए।
14. आदित्य-एल
1 ने
सूर्य के कितने रंगों के चित्र भेजे हैं?
उत्तर:
ग्यारह रंगों के चित्र।
15. इस पाठ
से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा की शिक्षा मिलती है।
लघु उत्तर (3–4 पंक्ति)
1.
सूर्य
को आग का गोला क्यों कहा जाता है?
उत्तर: सूर्य अत्यधिक गरम होता है। यह हाइड्रोजन और हीलियम जैसी गरम
गैसों से बना है। इसकी सतह पर लगातार ऊर्जा उत्पन्न होती रहती है। इसलिए सूर्य को
आग का गोला कहा जाता है।
2.
आदित्य-एल
1
मिशन
क्यों भेजा गया?
उत्तर: आदित्य-एल 1 मिशन सूर्य के
रहस्यों को जानने के लिए भेजा गया। इसके द्वारा सूर्य की संरचना, ताप और ऊर्जा का अध्ययन किया जाता है। इससे सूर्य के प्रभाव को
समझने में मदद मिलती है।
3.
आदित्य-एल
1
चंद्रयान
की तरह क्यों कहा गया है?
उत्तर: आदित्य-एल 1 भी एक अंतरिक्ष यान
है, जैसे चंद्रयान। दोनों को वैज्ञानिक
अध्ययन के लिए अंतरिक्ष में भेजा गया है। इसलिए अध्यापक ने इसे चंद्रयान के प्रकार
का यान कहा।
4.
लगरांज
बिंदु L1 क्या है?
उत्तर: लगरांज बिंदु L1 अंतरिक्ष का एक विशेष
संतुलित स्थान है। यह सूर्य और पृथ्वी के बीच स्थित होता है। इस स्थान से
आदित्य-एल 1 सूर्य का सुरक्षित रूप से अध्ययन करता
है।
5.
आदित्य-एल
1
सूर्य
पर क्यों नहीं जाता?
उत्तर: सूर्य का तापमान बहुत अधिक है। वहाँ जाना किसी भी यान के लिए
संभव नहीं है। इसलिए आदित्य-एल 1 सूर्य से सुरक्षित
दूरी पर रहकर अध्ययन करता है।
6.
इस
पाठ से विद्यार्थियों को क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर: इस पाठ से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होती है।
देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व की भावना उत्पन्न होती है। बच्चे विज्ञान और
अंतरिक्ष के बारे में जानने के लिए प्रेरित होते हैं।
7.
सूर्य
की किरणें पृथ्वी के लिए क्यों आवश्यक हैं?
उत्तर: सूर्य की किरणों से हमें प्रकाश और ऊष्मा मिलती है। इन्हीं
किरणों से जीवन संभव है। पौधे भोजन बनाते हैं और मनुष्य को ऊर्जा मिलती है।
8.
आदित्य-एल
1
द्वारा
भेजे गए चित्र क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: ये चित्र सूर्य की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं। इनसे
वैज्ञानिक सूर्य की गतिविधियों का अध्ययन करते हैं। इससे सूर्य के रहस्यों को
समझने में सहायता मिलती है।
बातचीत के लिए
प्रश्न 1.
आपने आकाश
में अनेक तारे देखे होंगे। ऐसा कौन सा तारा है जो हमें सुबह – सुबह जगाने का काम
करता है ? हमें इस तारे से कौन-से लाभ होते हैं ?
उत्तर : वह तारा सूर्य है जो हमें सुबह – सुबह जगाने का काम करता है। इससे हमें रोशनी
मिलती है, विटामिन-डी मिलता है जो
हड्डियों को स्वस्थ रखता है और इससे हमारा मन प्रसन्न रहता है।
प्रश्न 2.
भारत में
मनाए जाने वाले ऐसे त्योहारों या मेलों के बारे में अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए
जिनका संबंध सूर्य अथवा चंद्रमा से है।
उत्तर : सूर्य से जुड़े
त्योहार – छठ पूजा, मकर संक्रांति, पोंगल
चंद्रमा से जुड़े त्योहार – करवा चौथ, शरद पूर्णिमा, ईद
विद्यार्थी उपर्युक्त त्योहारों के विषय में अपनी कक्षा में
चर्चा कर सकते हैं।
प्रश्न 3.
आपने कक्षा
तीन की पाठ्यपुस्तक ‘वीणा, भाग 1’ में चंद्रयान पर पाठ पढ़ा है न! अपने
सहपाठियों को चंद्रयान के बारे में कुछ याद करके बताइए ।
उत्तर : चंद्रयान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का एक महत्वपूर्ण मिशन है।
इसका उद्देश्य चंद्रमा के विभिन्न रहस्यों का पता लगाकर उनका अध्ययन करना है। यह
अंतरिक्ष मिशनों की एक श्रृंखला है, जिसमें चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 तथा चंद्रयान- 3 शामिल हैं।
प्रश्न 4.
चंद्रयान- 3
की सफलता के
बाद सूर्य का अध्ययन करने वाले यान आदित्य- एल 1
के विषय में
आपने जो भी सुना, पढ़ा या देखा है, बताइए।
उत्तर : आदित्य-एल 1 इसरो का पहला सौर मिशन है।
इसका उद्देश्य विभिन्न सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर उनके प्रभाव को समझकर
अध्ययन करना है।
प्रश्न 5.
दिए गए चित्र
को ध्यान से देखिए और बताइए कि –
(क) इसमें क्या दिखाया गया
है?
(ख) क्या आपने इसे कभी देखा
है? इसमें कितने रंग होते हैं? अपनी लेखन – पुस्तिका में उन रंगों के नाम क्रम से लिखिए ।
(ग) आकाश में ऐसा कब और कैसे
होता है?
उत्तर :
(क) इसमें इंद्रधनुष दिखाया
गया है।
(ख) हाँ, मैंने इसे देखा है। इसमें कुल सात रंग होते हैं- लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, इंडिगो तथा बैंगनी।
(ग) आकाश में इंद्रधनुष तब बनता है जब बारिश होने
के दौरान सूर्य निकलने पर उसकी किरणें इन बूँदों पर पड़ती हैं। बारिश की बूँदें
सूर्य की किरणों को सात रंगों में बाँट देती हैं। ये सात रंग मिलकर आधे घेरे के
आकार में इंद्रधनुष बनाते हैं।
पाठ के भीतर
निम्नलिखित
प्रश्नों के सही उत्तर पर सूर्य का चित्र (☀️) बनाइए । यहाँ एक से अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।
प्रश्न 1. सूरज मुख्य रूप से किन गैसों का एक विशाल गोला है ?
(क) हाइड्रोजन
(ख) नाइट्रोजन
(ग) ऑक्सीजन
(घ) हीलियम
उत्तर : (क) हाइड्रोजन , (घ) हीलियम
प्रश्न 2. राहुल के अनुसार सूर्य एक गोला है-
(क) रुई का
(ख) ऊन का
(ग) आग का
(घ) बर्फ का
उत्तर : (ग) आग का
प्रश्न 3. आदित्य- एल 1 ने सूर्य के कितने रंगों के चित्र भेजे हैं?
(क) आठ
(ग) दस
(ख) सात
(घ) ग्यारह
उत्तर : (घ) ग्यारह
प्रश्न 4. आदित्य-एल 1 मिशन का कार्य कौन-सी जानकारी जुटाना है?
(क) सूर्य किस समय कैसा होता
है
(ख) सूर्य के भीतर जलने वाली आग का ताप कैसा है
(ग) चाँद के रहस्य जुटाना
(घ) सूर्य के ताप का प्रभाव कैसा होता है
उत्तर :
(क) सूर्य किस समय कैसा होता है
(ख) सूर्य के भीतर जलने वाली आग का ताप कैसा है
(घ) सूर्य के ताप का प्रभाव कैसा होता है
सोचिए और लिखिए
प्रश्न 1.
पाठ से बनी
समझ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
(क) हमारे वैज्ञानिकों ने
आदित्य- एल 1 का निर्माण
क्यों किया?
उत्तर : हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य- एल 1 का निर्माण सूर्य के बारे में विभिन्न जानकारियाँ जुटाने; जैसे– यह किस समय कैसा होता है, इसकी आग का ताप कैसा होता है, ताप का प्रभाव कैसा होता है आदि के लिए किया।
(ख) “आदित्य –
एल 1 चंद्रयान के प्रकार का ही
एक यान है । ” अध्यापक ने ऐसा अपने विद्यार्थियों से क्यों कहा?
उत्तर : अध्यापक ने ऐसा विद्यार्थियों को आसानी से समझाने के लिए कहा क्योंकि वे
चंद्रयान -1, 2 तथा 3 के विषय में काफ़ी बातों को पहले से ही जानते थे।
(ग) आदित्य – एल
1 में ‘एल 1’ क्या है और उसका क्या कार्य है?
उत्तर : एल 1 का अर्थ है – लगरांज 1 बिंदु | यह बिंदु ऐसा
स्थान है जहाँ आदित्य यान को प्रक्षिप्त किया गया है। यहाँ से वह सूर्य के चारों
ओर घूमकर उसके चित्र खींचता है।
(घ) “अध्यापक
जी! मैंने सुना है कि सूर्य सात घोड़ों के रथ पर आकाश में यात्रा करने वाला एक
राजा है । ” वाणी ने अध्यापक से ऐसा क्यों कहा होगा ?
उत्तर : वाणी ने अध्यापक से ऐसा इसलिए कहा होगा क्योंकि उसने अपनी दादी-नानी से पुरानी
कहानियाँ और कविताएँ सुनी होंगी जिसमें सूर्य देव को सात घोड़ों के रथ पर सवारी
करते हुए बताया गया है।
(ङ) निम्नलिखित
वाक्यों में नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति
कीजिए-
i. हम _____ बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
ii. रवि अध्यापक की _____ अचरज से देखता है।
iii. आदित्य- एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते _____ रह जाएँगे।
iv. भारत के ओडिशा के पुरी ज़िले में सूर्य देवता का
एक _____ सुंदर मंदिर बना हुआ है।
v. अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो _____ आदित्य हैं।
उत्तर :
i. हम “भी… बड़े होकर वैज्ञानिक बनेंगे।
ii. रवि अध्यापक की ” ओर” अचरज से देखता है।
iii. आदित्य- एल 1 ने सूर्य के कुछ अद्भुत चित्र भेजे हैं, उन्हें यदि आप लोग देखेंगे तो देखते “ही” रह जाएँगे।
iv. भारत के ओडिशा के पुरी ज़िले में सूर्य देवता का
एक बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है।
v. अध्यापक ने भास्कर से कहा कि इस कक्षा में दो
“और… आदित्य हैं।
प्रश्न 2.
‘आदित्य’ का
अर्थ सूर्य होता है। इसी प्रकार आदित्य के कुछ नाम आप भी खोजकर लिखिए। नीचे एक नाम
दिया गया है, शेष नाम आप लिखिए-
उत्तर :
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
कल्पना कीजिए
कि आप वैज्ञानिक बन गए हैं और आपको सूर्य के रहस्य जानने के लिए भेजा जा रहा है,
आप
(क) सूर्य की गरमी से बचने
के लिए किस तरह की व्यवस्था करेंगे?
उत्तर : मैं सूर्य की गरमी से बचने के लिए ऐसे यान का निर्माण करूँगी/करूँगा जो सूर्य
की तेज़ गरमी से मुझे बचा सके। उस यान पर एक ऐसी मज़बूत और ठंडी धातु की परत
लगाऊँगी/लगाऊँगा जिससे अंदर ठंडक बनी रहे।
(ख) सूर्य से
जुड़े कौन-से रहस्यों को खोजने का प्रयास करेंगे?
उत्तर : सूर्य की रोशनी इतनी तेज़ किस कारण होती है, उसकी चमक का रहस्य, सूर्य से
निकलने वाली किरणों का धरती पर असर आदि बिंदुओं का मैं पता लगाने का प्रयास करूँगी
/करूँगा।
प्रश्न 2. यदि आपको विद्यालय में आदित्य – एल 1 के वैज्ञानिकों से मिलने का एक अवसर मिलता है तो आप उनसे
कौन-से प्रश्न पूछना चाहेंगे? कोई चार प्रश्न लिखिए-
उत्तर :
(क) आदित्य- एल 1 यान बनाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?”
(ख) “इस यान को सूर्य की तेज़ गरमी से कैसे बचाया
गया?”
(ग) “यह यान कौन-कौन से रहस्य खोजेगा?
(घ) भविष्य में आप कौन-कौन से नए यान बनाने की
तैयारी कर रहे हैं?
भाषा की बात
प्रश्न 1.
निम्नलिखित
वाक्यों में उचित विराम चिह्न लगाइए-
(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग किसने जलाई होगी _____
(ख) अध्यापक जी _____ लगरांज 1 क्या होता है _____
(ग) अच्छा _____ तभी इसका नाम आदित्य – एल 1 रखा गया है ______
(घ) जी अध्यापक जी
उत्तर :
(क) यदि ऐसा है तो वहाँ आग
किसने जलाई होगी ?
(ख) अध्यापक जी ! लगरांज 1 क्या होता है ?
(ग) अच्छा ! तभी इसका नाम आदित्य – एल 1 रखा गया है।
(घ) जी अध्यापक जी , यह बहुत गरम है।
प्रश्न 2.
शब्द –
पिटारा में दिए गए शब्दों को नीचे दिए गए उनके संबंधित परिवार में लिखिए-
उत्तर :
|
संज्ञा |
सर्वनाम |
विशेषण |
|
आदित्य |
मुझे |
गरम |
|
सूर्य |
आप |
सात |
|
सुमन |
यह |
अच्छा |
|
रवि |
मैं |
एक |
|
दिनेश |
हम |
ग्यारह |
|
वाणी |
मैंने |
बहुत |
|
विद्यार्थी |
कुछ |
दो |
प्रश्न 3. पाठ में आए ‘प्रभाव’, ‘अभियान’, ‘विशाल’, ‘सुप्रभात’
शब्दों में ‘प्र’, ‘अभि’, ‘वि’ और ‘सु’ शब्दांश उपसर्ग का कार्य कर रहे हैं तथा ‘भाव’, ‘यान’, ‘शाल’ एवं ‘प्रभात’ मूल शब्द हैं।
उपर्युक्त उदाहरण में ‘स’ उपसर्ग
का प्रयोग करते हुए दो नवीन शब्द बनाए गए हैं। आप इसी प्रकार निम्नलिखित उपसर्गों
की सहायता से दो-दो शब्द बनाइए-
उत्तर :
प्रश्न 4.
पाठ में आया
‘अध्यापक’ शब्द पुल्लिंग है तथा ‘नानी’ शब्द स्त्रीलिंग है। इसके अतिरिक्त पाठ में
आए अन्य कोई दो-दो पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द खोजकर नीचे लिखिए-
उत्तर :
|
पुल्लिंग शब्द |
स्त्रीलिंग शब्द |
|
साहिल |
वाणी |
|
भास्कर |
ज्योति |
प्रश्न 5.
नीचे दिए गए
शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द वर्ग पहेली में से ढूँढ़कर उनका वाक्य में प्रयोग
कीजिए-
(क) बहुत – _____________
वाक्य – _____________
(ख) पुराना – _____________
वाक्य – _____________
(ग) प्रकाश – _____________
वाक्य – _____________
(घ) दूर – _____________
वाक्य – _____________
(ङ) बड़ा – _____________
वाक्य – _____________
उत्तर :
(क) बहुत – कम
वाक्य – “रिया कम बोलती है।’
(ख) पुराना – “नया’
वाक्य – “पिता जी नया बस्ता लाए।’
(ग) प्रकाश – अंधकार
वाक्य – अंधकार होने से पहले ही पक्षी अपने घोंसलों की ओर
लौट गए।
(घ) दूर – पास
वाक्य – मेरे घर से विद्यालय पास ही है।
(ङ) बड़ा – छोटा
वाक्य – मेरा छोटा भाई शरारती है।
प्रश्न 6. पाठ में ‘सूर्य’ शब्द का प्रयोग हुआ है । इस शब्द के अनेक
नाम आपने पढ़े और सुने होंगे। इस शब्द का प्रयोग अलग-अलग प्रकार से होता है, जैसे-
‘सूर्य’ की किरणों से हमें
विटामिन डी मिलता है।
इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक
तारा है ।
‘सूर्य’ हमारी कक्षा में
पढ़ता है।
इस वाक्य में ‘सूर्य’ एक
विद्यार्थी है।
अब ‘जल’ तथा
‘कर’ शब्दों से जुड़े अलग-अलग अर्थों वाले वाक्य अपनी लेखन – पुस्तिका में लिखिए ।
उत्तर :
जल :
पानी- नदी का जल बहुत साफ़ है ।
जलना (क्रिया) – लकड़ियाँ आग में जल रही हैं।
कर
हाथ – राजा ने अपने कर से स्वयं दान दिया।
टैक्स – हर नागरिक को ईमानदारी से आय कर देना चाहिए।
आदित्य – एल 1 और सूर्य की
भेंट
यहाँ पर
आदित्य- एल 1 और सूर्य के बीच बातचीत हो रही है। आप इस बातचीत को आगे
बढ़ाइए –
उत्तर :
पाठ से आगे
प्रश्न 1.
इस चित्र में
क्या दिखाया गया है? अपने घर या आस-पड़ोस में आपने कभी किसी को ऐसा करते देखा है
? कक्षा में अपने-अपने अनुभव साझा कीजिए ।
विद्यार्थी इस प्रश्न में दिए चित्र को देखें।
उत्तर : प्रस्तुत चित्र बिहार व उत्तर प्रदेश में मनाए
जाने वाले महापर्व ‘छठ’ का है। छठ पर्व में डूबते सूरज व उगते सूरज, दोनों की उपासना की जाती है। यह तीन दिनों तक चलने वाला
पर्व है।
प्रश्न 2.
सूर्य के
प्रकाश के संपर्क में आने से शरीर को कौन-से लाभ होते हैं ?
सहपाठियों के
साथ चर्चा कीजिए ।
उत्तर : सूर्य से मिलने वाले विटामिन-डी की सहायता से हमारी हड्डियाँ मज़बूत होती हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, सुबह की धूप त्वचा के लिए भी लाभकारी होती है।
प्रश्न 3.
दिए गए चित्र
को ध्यान से देखिए । यह चित्र सौर ऊर्जा का है। सौर ऊर्जा,
सूर्य के
प्रकाश से प्राप्त अक्षय (जो समाप्त नहीं होती ) ऊर्जा है। शिक्षक के दिशा-निर्देश
में कक्षा को चार समूहों में विभाजित कीजिए। सौर ऊर्जा के बारे में जानकारी
प्राप्त कर कक्षा में चार्ट पेपर पर प्रस्तुत कीजिए ।
विद्यार्थी इस प्रश्न में दिए चित्र को देखें।
उत्तर :
विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से उत्तर देंगे।
प्रश्न 4.
दिए गए चित्र को ध्यान से देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के
उत्तर दीजिए-
विद्यार्थी इस प्रश्न में दिए चित्र को देखें।
(क) इस चित्र में पाँच लगरांज बिंदु दिखाए गए हैं। आपके
विचार से हमारे वैज्ञानिकों ने आदित्य यानं के स्थापन के लिए एल 1
बिंदु को
क्यों चुना होगा ?
उत्तर : एल 1 बिंदु सूर्य और पृथ्वी के
गुरुत्वाकर्षण बलों का संतुलित स्थान है। इस बिंदु से सूर्य का निरंतर और स्पष्ट
अध्ययन करना संभव है।
(ख) चित्र देखकर बताइए कि कौन-कौन से लगरांज बिंदु पृथ्वी की
कक्षा (ऑर्बिट) पर हैं?
उत्तर : लगरांज बिंदु एल 1, एल 2 तथा एल 3 पृथ्वी की
कक्षा पर हैं।
पुस्तकालय या अन्य स्रोत से
प्रश्न 1.
विद्यालय के
पुस्तकालय से सूर्य के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त कीजिए।
उत्तर : विद्यार्थी सूर्य का व्यास, तापमान, ऊर्जा का उत्पादन, परतें आदि विषयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्न 2.
सूर्यग्रहण
क्यों लगता है? इस अवसर पर कहाँ-कहाँ मेले लगते हैं?
इस विषय में
अपने विद्यालय के पुस्तकालय, अभिभावकों और अन्य स्रोतों से जानकारी
प्राप्त कर सहपाठियों से साझा कीजिए ।
उत्तर : जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश
पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाता, तब सूर्यग्रहण
लगता है। इस अवसर पर विशेष रूप से हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन, नासिक, कुरुक्षेत्र, वाराणसी आदि स्थानों पर मेलों का आयोजन किया जाता है।
गृहकार्य
मेरी चित्रकारी
भविष्य में
जब आप वैज्ञानिक बनकर किसी ग्रह की यात्रा करेंगे तो आपका यान कैसा होगा?
उसका एक
चित्र अपनी कल्पना से तैयार कीजिए और उसमें रंग भरिए ।
उत्तर : विद्यार्थी अपनी कल्पना से चित्र बनाकर रंग भरेंगे।